रांची: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सोमवार को DMFT (District Mineral Foundation Trust) फंड के उपयोग और कथित दुरुपयोग को लेकर सदन में जोरदार बहस देखने को मिली।
विधायक Pradeep Yadav ने अल्पसूचित प्रश्न के माध्यम से सरकार से पूछा कि DMFT फंड से विकास कार्य केवल खनन क्षेत्रों की 30 किलोमीटर की परिधि के भीतर ही किए जाने का प्रावधान है। उन्होंने सुझाव दिया कि इस सीमा को बढ़ाया जाना चाहिए ताकि अधिक क्षेत्रों में विकास कार्य कराए जा सकें।
इस पर प्रतिपक्ष के नेता Babulal Marandi ने असहमति जताई। उनका कहना था कि DMFT फंड का उद्देश्य खनन से प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को लाभ पहुंचाना है, इसलिए विकास कार्य भी उन्हीं क्षेत्रों में होना चाहिए जो सीधे तौर पर खनन से प्रभावित हैं।
सदन में बोलते हुए बाबूलाल मरांडी ने DMFT फंड के कथित दुरुपयोग का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने बताया कि हाल ही में वे Latehar गए थे। वहां कार्यकर्ता उन्हें एक जिम में ले गए, लेकिन बाद में उन्हें पता चला कि उस जिम का निर्माण DMFT फंड से कराया गया है। उन्होंने इसे फंड के दुरुपयोग का उदाहरण बताया।
मरांडी ने कहा कि इसी तरह के मामले Bokaro और Ramgarh सहित कई जिलों में सामने आए हैं, जहां DMFT फंड का उपयोग निर्धारित उद्देश्य से हटकर किया गया है। इस पर प्रभारी मंत्री Yogendra Prasad ने सदन को आश्वस्त किया कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और यदि कहीं गड़बड़ी पाई गई तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मंत्री के आश्वासन के बाद सदन में यह मामला शांत हो गया












