रांची में बढ़ते अपराध और भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच एक बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई सामने आई है। राकेश रंजन ने सख्त रुख अपनाते हुए कांके थाना प्रभारी प्रकाश रजक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है और इसे कानून-व्यवस्था को लेकर एक कड़ा संदेश माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, प्रकाश रजक पर जमीन से जुड़े मामलों में भू-माफियाओं के साथ साठगांठ करने के गंभीर आरोप लगे थे। लंबे समय से मिल रही शिकायतों और प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर यह कदम उठाया गया। प्रशासन का मानना है कि इस तरह की गतिविधियां न केवल कानून व्यवस्था को कमजोर करती हैं, बल्कि आम जनता के विश्वास को भी प्रभावित करती हैं।
इसके अलावा, हाल के चर्चित मामलों में भी थाना प्रभारी की भूमिका सवालों के घेरे में रही। सुकुरहुट्टू फायरिंग कांड और बोड़ेया स्कूल में हुई चोरी की घटनाओं को रोकने में विफलता भी निलंबन का एक बड़ा कारण बनी। इन घटनाओं के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश बढ़ा था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठ रहे थे।
सूत्रों के मुताबिक, एसएसपी राकेश रंजन ने साफ कर दिया है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी संकेत दिए हैं कि आगे भी ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि रांची में कानून व्यवस्था को मजबूत किया जा सके और अपराध पर नियंत्रण पाया जा सके।
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब रांची में अपराध की घटनाएं बढ़ने को लेकर प्रशासन पर दबाव बना हुआ है। ऐसे में पुलिस विभाग द्वारा उठाया गया यह कदम आम लोगों में भरोसा बहाल करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।











