रांची के आर्यभट्ट सभागार में सरदार पटेल स्मृति समिति द्वारा सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती वर्षगांठ के उपलक्ष्य में एक विशेष समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने राष्ट्र के 'लौह पुरुष' को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि सरदार पटेल के अदम्य साहस, अटूट दृढ़ संकल्प और दूरदर्शी नेतृत्व ने ही स्वतंत्र भारत की एकता और अखंडता को एक मजबूत आधार प्रदान किया। राज्यपाल ने 562 रियासतों के ऐतिहासिक विलय को भारत के निर्माण की दिशा में एक अनुपम उदाहरण बताया।

राज्यपाल ने इस बात पर जोर दिया कि सरदार पटेल के विचार आज के समय में भी पूरी तरह प्रासंगिक हैं। वे हमें राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने और एकता की भावना को सुदृढ़ करने की निरंतर प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि यह अवसर केवल श्रद्धांजलि देने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि यह उनके महान आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का संकल्प लेने का भी दिन है। एक सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण के लिए राष्ट्रीय एकता, सुशासन और समावेशी विकास को उन्होंने अनिवार्य बताया और कहा कि आज पूरा देश “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की भावना के साथ प्रगति पथ पर अग्रसर है।

अपने संबोधन के दौरान राज्यपाल ने ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने इसे भारत की एकता, आत्मविश्वास और गौरव का वैश्विक प्रतीक बताया जो नई पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण के लिए प्रोत्साहित करता है। उन्होंने पिछले वर्ष वहां की अपनी यात्रा को साझा करते हुए इसे अत्यंत प्रेरणादायी अनुभव बताया।

अंत में राज्यपाल ने उपस्थित सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे सरदार पटेल के आदर्शों को अपने विचारों, व्यवहार और कर्तव्यों का हिस्सा बनाएं ताकि राष्ट्र की एकता और अखंडता को और अधिक मजबूती मिल सके। इस अवसर पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू, विधायक सीपी सिंह, रांची की मेयर रोशनी खलखो, राजाराम महतो और अन्य वक्ताओं ने भी विचार व्यक्त किए।











