रांची: बुधवार को झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सदन में एक दिलचस्प लेकिन तीखी नोकझोंक देखने को मिली। झरिया से भाजपा विधायक रागिनी सिंह अपनी बात रखने के लिए बार-बार उत्सुक नजर आईं, जिस पर सत्ता पक्ष की ओर से टिप्पणी ने माहौल को और गर्म कर दिया।
स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने इस दौरान कहा कि नए विधायकों को ट्रेनिंग की जरूरत होती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जब वे पहली बार विधायक बने थे, तब उन्हें भी ट्रेनिंग दी गई थी।
मंत्री के इस बयान पर सदन में हलचल बढ़ गई। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष रबींद्रनाथ महतो ने हस्तक्षेप करते हुए संतुलित टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि सिर्फ विपक्ष ही नहीं, बल्कि सत्तापक्ष के कुछ विधायकों को भी ट्रेनिंग की आवश्यकता है।
स्पीकर की इस टिप्पणी के बाद सदन में कुछ देर के लिए माहौल हल्का जरूर हुआ, लेकिन यह मुद्दा राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।











