रांची: झारखंड विधानसभा में HEC (हेवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन) के विस्थापितों के पुनर्वास का मुद्दा उठने के बाद राज्य सरकार ने उन्हें जल्द आवास उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। सरकार ने कहा है कि विस्थापितों के लिए बनाए गए घरों में असली रैयतों को अगले विधानसभा सत्र से पहले शिफ्ट किया जाएगा।
विधानसभा में उठा HEC विस्थापितों का मुद्दा
विधानसभा में भाजपा विधायक Navin Jaiswal द्वारा ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाए जाने पर प्रभारी मंत्री Sudivya Kumar Sonu ने जवाब दिया। मंत्री ने बताया कि विस्थापितों के पुनर्वास के लिए बनाए गए 400 आवासों में वास्तविक रैयतों को जल्द बसाया जाएगा।
मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल एक से अधिक अधिग्रहित सरप्लस जमीन को वापस करने की सरकार की कोई योजना नहीं है।
रैयतों की पहचान पर उठे सवाल
सरकार के अनुसार, रैयतों की पहचान के लिए पूर्व की सरकार ने PS Private Limited नामक कोलकाता की एक निजी कंपनी को नियुक्त किया था। यह सर्वे देश में इस तरह का पहला प्रयास बताया गया था।
कंपनी ने अपनी रिपोर्ट में 393 रैयतों के नाम की अनुशंसा की थी, लेकिन जांच में पाया गया कि इनमें से 108 लोग बाहरी हैं और मूल रैयत नहीं हैं। इसी कारण सरकार अब उस रिपोर्ट की समीक्षा कर रही है।
विधायक ने कमेटी बनाने की मांग की
इस मुद्दे पर विधायक नवीन जायसवाल ने कहा कि यदि एजेंसी की रिपोर्ट में त्रुटि है तो सरकार को डीसी या किसी वरिष्ठ अधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी बनाकर असली रैयतों की पहचान करानी चाहिए।
उन्होंने यह भी बताया कि 2019 में ही आरआर पॉलिसी के तहत 400 आवासों का निर्माण कर लिया गया था, लेकिन पिछले सात वर्षों से विस्थापितों को इन घरों में बसाया नहीं गया है।
जमीन वापसी पर सरकार का जवाब
सवाल-जवाब के दौरान विधायक ने Right to Fair Compensation and Transparency in Land Acquisition, Rehabilitation and Resettlement Act, 2013 का हवाला देते हुए पूछा कि यदि अधिग्रहित जमीन का उपयोग नहीं हो रहा है तो क्या उसे मूल रैयतों को वापस किया जाएगा।
इस पर मंत्री ने स्पष्ट किया कि HEC की जमीन का अधिग्रहण वर्ष 2013 से पहले हुआ था, इसलिए यह कानून उस पर लागू नहीं होता।
जल्द होगा विस्थापितों का पुनर्वास
मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने अंत में आश्वस्त किया कि रैयतों की पहचान की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी और अगले विधानसभा सत्र से पहले असली विस्थापितों को तैयार किए गए आवासों में शिफ्ट कर दिया जाएगा।











