रिपोर्ट - उमेश कांत गिरि
घाटशिला प्रखंड और मूसाबनी प्रखंड को जोड़ने वाली अमाई नगर पुलिया पर लोहे की छड़ की चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। यह पुल प्रतिदिन सैकड़ों लोगों और वाहनों के आवागमन का मुख्य मार्ग है, और करोड़ों रुपए की लागत से बना इस पुल के दोनों तरफ पैदल चलने के लिए सीमेंट कंक्रीट और लोहे की छड़ से मजबूत स्लैब बनाए गए हैं, जिससे राहगीरों और स्कूली बच्चों को सुविधा मिलती है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि पुल की किनारों पर लगी कई मोटी स्लैब को तोड़कर लोहे की छड़ उखाड़कर चोरी करने का प्रयास लगातार जारी है। यह घटना मुख्य रूप से रात के समय होती है, जब पुल अंधेरे में ढका रहता है। पुल पर मौजूद स्ट्रीट लाइटें कई महीनों से खराब पड़ी हैं, जिससे रात के समय आवागमन करना बेहद जोखिम भरा हो गया है।
स्लैब और लोहे की छड़ें गायब होने से पुल की मजबूती पर सीधे असर पड़ रहा है। इस स्थिति में न केवल राहगीरों बल्कि स्कूली बच्चों के लिए भी पुल पर चलना खतरनाक साबित हो सकता है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि दिन के समय भी लोग स्लैब टूटने के कारण गिरकर चोटिल हो चुके हैं।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि पुल की सुरक्षा के लिए मामले की जांच कर दोषियों की पहचान की जाए और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, पुल की मरम्मत कर दोबारा मजबूत बनाकर भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने की मांग की गई है।
यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो घाटशिला-मूसाबनी पुलिया की मजबूती पर गंभीर असर पड़ सकता है और यह आवागमन के लिए खतरे का कारण बन सकता है।












