चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां अदालत ने मासूम बच्ची के साथ दरिंदगी करने वाले दोषी को कड़ी सजा सुनाई है। जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र में एक नाबालिग के साथ दुष्कर्म के मामले में सुनवाई करते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने आरोपी सुरेश सिंकु को उम्रकैद की सजा दी है। विशेष बात यह है कि न्यायालय ने इसे साधारण उम्रकैद न मानकर दोषी को अपनी अंतिम सांस तक जेल की सलाखों के पीछे रहने का आदेश दिया है। साथ ही, दोषी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
यह मामला 8 सितंबर 2023 का है, जब जगन्नाथपुर थाना अंतर्गत कंसलापोस रुगुड़साई के रहने वाले सुरेश सिंकु ने इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया था। दर्ज मामले के अनुसार, आरोपी ने नाबालिग बच्ची को बहला-फुसलाकर एक सुनसान स्थान पर ले गया और वहां उसके साथ जबरदस्ती दुष्कर्म किया। वारदात के बाद आरोपी ने पीड़िता को डराया-धमकाया और किसी को भी बताने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी।
भयभीत बच्ची ने घर पहुंचकर हिम्मत जुटाई और अपने परिजनों को पूरी आपबीती सुनाई, जिसके बाद तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने सभी साक्ष्यों को वैज्ञानिक तरीके से एकत्रित किया और समय पर न्यायालय में प्रस्तुत किया।
शनिवार को सुनवाई के दौरान अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर सुरेश सिंकु को धारा 6 पोक्सो (POCSO) एक्ट के तहत दोषी करार दिया। न्यायालय ने समाज में कड़ा संदेश देते हुए उसे प्राकृतिक मृत्यु तक कठोर कारावास की सजा सुनाई। इस फैसले को महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों के खिलाफ न्यायपालिका के कड़े रुख के तौर पर देखा जा रहा है।











