बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सय्यद अता हसनैन ने हाल ही में राज्य के शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्रों की स्थिति का जायजा लिया। इस अवसर पर उन्होंने मुख्य सचिव से इन क्षेत्रों में चल रही विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने राज्यपाल को सूचित किया कि शिक्षा विभाग से उच्च शिक्षा को अलग कर एक स्वतंत्र उच्च शिक्षा विभाग का गठन किया गया है। पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से उन्होंने बिहार में उच्च शिक्षा की स्थिति, समर्थ पोर्टल, विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों की जानकारी, तथा उच्च शिक्षा से संबंधित विभिन्न योजनाओं का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया।
प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा के संदर्भ में मुख्य सचिव ने सरकारी विद्यालयों, शिक्षकों और नामांकित छात्रों की संख्या, विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति और अन्य डीबीटी योजनाओं, स्कूली शिक्षा के लिए लागू डिजिटल पहल और प्रधानमंत्री पोषण योजना के बारे में जानकारी दी।
राज्यपाल को यह भी बताया गया कि पटना मेडिकल कॉलेज और अस्पताल अब विश्व का दूसरा सबसे बड़ा अस्पताल बन चुका है। स्वास्थ्य क्षेत्र में लागू महत्वपूर्ण योजनाओं जैसे बाल हृदय योजना, बाल श्रवण योजना, भव्या एप्लीकेशन, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, राज्य स्वास्थ्य समिति, मेडिकल शिक्षा, आयुष्मान भारत और प्रधानमंत्री जन-आरोग्य योजना पर भी विस्तार से चर्चा की गई। प्रमुख स्वास्थ्य संकेतकों के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग की पहल ‘दीदी की रसोई’ को राज्यपाल ने सराहा।
इस अवसर पर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, राज्यपाल के प्रधान सचिव डॉ. रॉबर्ट एल चोंग्थू और अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।










