उत्तर प्रदेश के आगरा जिले से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने मेरठ के चर्चित सौरभ हत्याकांड की यादें ताजा कर दी हैं। थाना सैयां क्षेत्र में एक शख्स की बेरहमी से हत्या कर उसके शव को जलाने का प्रयास किया गया। हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी और तकनीकी जांच ने आरोपियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया। पुलिस ने इस मामले में मृतक की पत्नी, उसके प्रेमी और प्रेमी के दोस्त को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जांच में खुलासा हुआ कि अवैध संबंधों में बाधा बनने के कारण लोकेंद्र नामक व्यक्ति को रास्ते से हटाया गया था।
अवैध संबंध और साजिश का ताना-बाना
पुलिस जांच में यह बात निकलकर आई कि मृतक लोकेंद्र की पत्नी का महेश नामक युवक के साथ लंबे समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था। महेश का लोकेंद्र के घर आना-जाना था, लेकिन जब लोकेंद्र को इस बात की भनक लगी, तो उसने इसका कड़ा विरोध करना शुरू कर दिया। विवाद इतना बढ़ गया कि लोकेंद्र ने आस-पड़ोस के लोगों को भी अपनी पत्नी के चाल-चलन के बारे में बताना शुरू कर दिया था। अपनी बदनामी और पकड़े जाने के डर से पत्नी और प्रेमी महेश ने मिलकर लोकेंद्र को ठिकाने लगाने की खौफनाक साजिश रची।
फिल्म 'दृश्यम' से प्रेरित होकर रची हत्या की योजना
बुधवार सुबह जैसे ही लोकेंद्र काम के लिए घर से निकला, उसकी पत्नी ने तुरंत प्रेमी महेश को फोन कर सूचना दी। महेश ने इस काम में अपने साथी धर्मवीर को भी शामिल किया, जिसे उसने शराब पिलाने का लालच देकर बुलाया था। रास्ते में दोनों ने लोकेंद्र को रोक लिया और उसे बातों में फंसाकर एक खेत में ले गए। वहां तीनों ने बैठकर शराब पी। जब लोकेंद्र नशे में धुत हो गया, तो महेश और धर्मवीर ने मिलकर उसका गला दबाकर उसे मौत के घाट उतार दिया। महेश ने इस हत्याकांड को अंजाम देने से पहले कई बार मशहूर फिल्म 'दृश्यम' देखी थी ताकि वह सबूतों को मिटाने का तरीका सीख सके।
सबूत मिटाने की कोशिश और पुलिस की कार्रवाई
हत्या के बाद आरोपियों ने साक्ष्य मिटाने के लिए लोकेंद्र की गाड़ी से पेट्रोल निकाला और शव पर शराब व पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। हालांकि, शव पूरी तरह नहीं जल सका। हत्या जैसी जघन्य वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी महेश वापस लोकेंद्र के घर पहुंचा, जहां उसने पत्नी के साथ पास्ता खाकर और शराब पीकर जश्न मनाया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पांच टीमों का गठन किया।
QR कोड और कागज के टुकड़े ने खोला राज
पुलिस को घटनास्थल से शराब की एक खाली बोतल और कागज का एक छोटा टुकड़ा मिला था। यही दो चीजें इस केस का टर्निंग पॉइंट साबित हुईं। पुलिस ने बोतल पर लगे QR कोड को स्कैन किया, जिससे उस ठेके का पता चला जहां से शराब खरीदी गई थी। वहीं, कागज के टुकड़े को जब स्थानीय दुकानदारों को दिखाया गया, तो एक फल विक्रेता ने उसे पहचान लिया और बताया कि वह इसी कागज पर फल देता है। ठेके पर लगे CCTV फुटेज की जांच में महेश और धर्मवीर शराब खरीदते हुए कैद हो गए।
पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो महेश टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के पास से घटना में इस्तेमाल की गई बाइक और खून से सने कपड़े बरामद कर लिए हैं। फिलहाल, लोकेंद्र की पत्नी, प्रेमी महेश और उसके साथी धर्मवीर को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई के तहत जेल भेज दिया गया है।











