(दीनानाथ मौआर, संवाददाता, औरंगाबाद)
औरंगाबाद - औरंगाबाद की एक बेटी मेनिका ने शिक्षा जगत में इतिहास रच दी है। उन्होंने सबसे पहले आईआईटी से इंजीनियरिंग की, फिर वर्ष 2022 में बीपीएससी में महिला टॉपर बनकर प्रशासनिक सेवा में प्रवेश किया। उसके बाद वर्ष 2024 में यूपीएससी परीक्षा में पहली बार में ही सफलता हासिल की और अब दूसरी बार भी यूपीएससी में शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया में 16वाँ रैंक हासिल कर पूरे बिहार का नाम रोशन कर दिया है।
औरंगाबाद जिला मुख्यालय के सत्येन्द्र नगर निवासी ई. ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव और भारती श्रीवास्तव की सबसे छोटी पुत्री मोनिका बचपन से ही असाधारण प्रतिभा की धनी रही हैं। पढ़ाई के प्रति उनकी लगन का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने दसवीं और बारहवीं की परीक्षा में भी राज्य स्तर पर शीर्ष स्थान प्राप्त किया था। इसके बाद उन्होंने वर्ष 2016 में आईआईटी गुवाहाटी से कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। आईआईटी से पढ़ाई पूरी करने के बाद मोनिका ने कई प्रतिष्ठित ग्लोबल कंपनियों में काम किया। लेकिन उनके मन में समाज और देश के लिए कुछ बड़ा करने का सपना हमेशा जीवित रहा। इसी सपने ने उन्हें कॉर्पोरेट कैरियर छोड़कर प्रशासनिक सेवा की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
मोनिका की उपलब्धियों की सूची यहीं समाप्त नहीं होती। उन्होंने वर्ष 2022 में बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की परीक्षा में भी शानदार सफलता हासिल की थी। जिसमें उन्होंने महिला वर्ग में पहला स्थान और कुल मिलाकर छठा स्थान प्राप्त किया था। इसके बाद उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में भी सफलता पाई और वर्तमान में वे भारतीय रेलवे सेवा (IRTS) के अंतर्गत अंडर-ट्रेनिंग अधिकारी के रूप में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। इसी प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने एक बार फिर दृढ़ संकल्प के साथ यूपीएससी की परीक्षा दी और इस बार ऑल इंडिया 16वाँ रैंक हासिल कर एक नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया। लगातार दूसरी बार यूपीएससी में शानदार सफलता प्राप्त करना उनकी मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण का प्रमाण है। मोनिका श्रीवास्तव की इस ऐतिहासिक उपलब्धि से औरंगाबाद जिले में खुशी और गर्व का माहौल है। जिलेवासी उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।










