रिपोर्ट - उमेश कांत गिरि,घाटशिला
झारखंड के घाटशिला स्थित काशिदा पंचायत के विक्रमपुर क्षेत्र में इन दिनों भक्ति की अविरल धारा बह रही है। नवनिर्मित हनुमान मंदिर में आयोजित चार दिवसीय प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव के दूसरे दिन बुधवार को पूरा क्षेत्र 'जय श्री राम' और 'जय हनुमान' के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। बनारस से पधारे विद्वान पुजारियों के सानिध्य में आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान ने स्थानीय जनमानस को पूरी तरह भक्ति रस में सराबोर कर दिया है।
वैदिक मंत्रोच्चार और अनुष्ठानिक स्नान
बुधवार सुबह की शुरुआत पवित्र वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुई। बनारस से आए तीन मुख्य पुजारियों के निर्देशन में भगवान हनुमान की नूतन प्रतिमा का विभिन्न द्रव्यों से शास्त्रीय स्नान संपन्न कराया गया। इस आध्यात्मिक प्रक्रिया के दौरान आयोजन समिति के सदस्यों के साथ-साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। स्नान के पश्चात भव्य होम-यज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें भक्तों ने आहुतियां देकर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। मंत्रों की गूँज और हवन के धुएं से संपूर्ण मंदिर परिसर का वातावरण अत्यंत शुद्ध और भक्तिमय प्रतीत हो रहा था।

नगर परिक्रमा में उमड़ा जनसैलाब
शाम के समय कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण 'नगर परिक्रमा' रही। हनुमान जी की प्रतिमा को एक विशेष रूप से सुसज्जित वाहन पर विराजित किया गया। ढोल-नगाड़ों और शंखध्वनि के बीच जब यह शोभायात्रा शुरू हुई, तो भक्तों का उत्साह देखते ही बनता था। जयकारों की गूँज से आकाश गुंजायमान हो उठा और श्रद्धालु भक्ति रस में गोते लगाते नजर आए। यह नगर परिक्रमा विक्रमपुर से प्रारंभ होकर मौभंडार शिव मंदिर तक गई और वहां से मुख्य सड़क मार्ग होते हुए पुनः मंदिर परिसर लौटकर संपन्न हुई। रास्ते भर श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर बजरंगबली का स्वागत किया।
आज होगा प्राण-प्रतिष्ठा का मुख्य आयोजन
महोत्सव के तीसरे दिन यानी आज गुरुवार को सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव 'प्राण-प्रतिष्ठा' का कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। शास्त्रीय विधि-विधान के साथ हनुमान जी की प्रतिमा को मंदिर के गर्भगृह में स्थापित कर उनमें प्राणों का संचार किया जाएगा। इस ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनने के लिए विक्रमपुर और आसपास के क्षेत्रों से भारी संख्या में श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है।
सामूहिक सहयोग से सफल हो रहा आयोजन
इस वृहद धार्मिक अनुष्ठान को सफल बनाने में आयोजन समिति और स्थानीय ग्रामीणों का अतुलनीय योगदान मिल रहा है। कार्यक्रम की व्यवस्थाओं में सौरव ठाकुर, मोनि कान्त र्जना, अमित अग्रवाल, पोल्टू सरदार, मुखिया पति सपन मुंडा, रविंन्द्र सिंह, अशोक पांडा, सोमु पांडा, नीरज अग्रवाल और अभिषेक मुंडा जैसे सक्रिय सदस्य दिन-रात जुटे हुए हैं।
साथ ही महिला शक्ति की भी इसमें बड़ी भूमिका है, जिसमें श्रीमती बुलटी माझी, सुधा पातर, सिमु पांडा, खुशबू अग्रवाल और मीनाक्षी पांडा सहित अन्य महिलाएं व्यवस्थाएं संभाल रही हैं। तरुण षाड़ंगी, उत्तम दत्ता, संजय अग्रवाल, बासुदेव मिश्रा और अन्य युवाओं की टोली भी सुरक्षा और सुचारू संचालन सुनिश्चित कर रही है। सामूहिक सहभागिता के कारण यह आयोजन क्षेत्र के लिए एक उत्सव बन गया है।











