नई दिल्ली/नोएडा: Elvish Yadav को बड़ी कानूनी राहत देते हुए Supreme Court of India ने साल 2023 में दर्ज उस एफआईआर को रद्द कर दिया है, जिसमें उन पर सांप के जहर के कथित इस्तेमाल और अवैध गतिविधियों से जुड़े आरोप लगाए गए थे। यह मामला Noida में दर्ज हुआ था और इसकी जांच Uttar Pradesh Police द्वारा की जा रही थी।
दरअसल, 2023 में नोएडा में आयोजित एक कथित रेव पार्टी से जुड़े मामले ने उस समय राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोरी थीं। आरोप था कि इन पार्टियों में सांप के जहर का इस्तेमाल नशे के रूप में किया जा रहा था। जांच के दौरान कुछ सपेरों और अन्य लोगों की गिरफ्तारी हुई, जिनसे पूछताछ में एल्विश यादव का नाम सामने आया। इसके बाद उनके खिलाफ वन्यजीव संरक्षण कानून और नशीले पदार्थों से जुड़े गंभीर प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया।
इस केस में People for Animals संस्था के पदाधिकारी गौरव गुप्ता की शिकायत के आधार पर थाना सेक्टर-49 में एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस ने इस मामले में विस्तृत जांच के बाद करीब 1,200 पन्नों की चार्जशीट जिला न्यायालय में दाखिल की थी, जिसमें दावा किया गया था कि एल्विश यादव का संपर्क उन सपेरों से था जिन्हें इस मामले में गिरफ्तार किया गया था।
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने पाया कि एल्विश यादव के खिलाफ लगाए गए आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त और ठोस सबूत रिकॉर्ड पर उपलब्ध नहीं हैं। अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि एफआईआर में प्रक्रिया और तथ्यों से जुड़ी गंभीर खामियां मौजूद थीं, जिसके चलते इसे बरकरार रखना उचित नहीं है।
गौरतलब है कि इस मामले में नोएडा पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत एल्विश यादव को गिरफ्तार भी किया था और पूछताछ के लिए उन्हें कई बार लखनऊ बुलाया गया था। हालांकि अब सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद उन्हें इस पूरे मामले में बड़ी राहत मिल गई है।











