उत्तर प्रदेश में यात्रा करने वाले यात्रियों की जेब पर बोझ बढ़ने वाला है। 1 अप्रैल 2026 से राज्य के प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर सफर करना काफी महंगा हो गया है। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (UPEIDA) ने टोल की नई दरें प्रभावी कर दी हैं, जिससे हल्के निजी वाहनों से लेकर भारी कमर्शियल वाहनों तक सभी श्रेणियों के लिए यात्रा की लागत बढ़ गई है। प्रशासन के इस फैसले का सबसे व्यापक असर राज्य के चार प्रमुख एक्सप्रेसवे पर देखने को मिलेगा, जहाँ टोल प्लाजा पर प्रति यात्रा 5 रुपये से लेकर 85 रुपये तक की बढ़ोत्तरी की गई है।
लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर सबसे बड़ी बढ़ोत्तरी
लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे का उपयोग करने वाले यात्रियों को अब अधिक भुगतान करना होगा। दोपहिया और तिपहिया वाहनों के लिए टोल में 5 रुपये की वृद्धि की गई है, जिससे अब उन्हें 330 रुपये के बजाय 335 रुपये देने होंगे। वहीं, कार, जीप और वैन जैसे हल्के मोटर वाहनों (LMV) के लिए दर 665 रुपये से बढ़ाकर 675 रुपये कर दी गई है। हल्के व्यावसायिक वाहनों और मिनी बसों के लिए नया रेट 1065 रुपये तय किया गया है। भारी वाहनों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ा है; बस और ट्रक के लिए अब 2150 रुपये देने होंगे, जबकि 7 या अधिक धुरी वाले विशाल वाहनों को अब 4145 रुपये के मुकाबले 4230 रुपये का भुगतान करना होगा।
पूर्वांचल और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे: छोटे वाहनों को राहत, बड़ों को झटका
पूर्वांचल और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले दोपहिया और तिपहिया वाहन स्वामियों के लिए एक राहत भरी खबर है। यूपीईआईडीए ने इन दोनों रूट्स पर छोटे वाहनों की दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर दोपहिया वाहनों को पहले की तरह 350 रुपये और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर 315 रुपये ही देने होंगे। हालांकि, भारी वाहनों के मामले में यहाँ भी महंगाई की मार पड़ी है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर बस और ट्रक का टोल 2225 रुपये से बढ़कर 2240 रुपये हो गया है। इसी तरह, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर भारी वाहनों के लिए टोल 2010 रुपये से बढ़ाकर 2025 रुपये कर दिया गया है। बहु-धुरी वाले भारी निर्माण मशीनों के लिए भी दरों में 10 से 15 रुपये की मामूली बढ़ोत्तरी देखी गई है।
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर कार चालकों की बढ़ी मुश्किल
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल करने वाले कार चालकों के लिए यह खबर निराशाजनक है। पिछले साल के मुकाबले इस साल कार, जीप और वैन के टोल रेट में 10 रुपये की सीधी वृद्धि की गई है, जिससे अब इन यात्रियों को 285 रुपये के स्थान पर 295 रुपये खर्च करने होंगे। दोपहिया और तिपहिया वाहनों के लिए भी यहाँ 5 रुपये की वृद्धि की गई है, जिससे नया रेट 145 रुपये हो गया है। भारी वाहनों और मल्टी-एक्सल वाहनों के लिए भी दरों में 5 से 10 रुपये तक का इजाफा किया गया है।
उत्तर प्रदेश सरकार और यूपीईआईडीए के इस कदम का उद्देश्य एक्सप्रेसवे के रखरखाव और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए संसाधन जुटाना है। हालांकि, 1 अप्रैल से लागू हुई ये नई दरें नियमित यात्रियों और माल ढुलाई करने वाले व्यापारियों के बजट को सीधे तौर पर प्रभावित करेंगी।











