उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में साइबर अपराध के विरुद्ध पुलिस ने एक बहुत बड़ी सफलता हासिल की है। जिले की साइबर क्राइम टीम और स्थानीय पुलिस ने मिलकर एक ऐसे अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसने देश भर में फर्जी खातों के जरिए लगभग 67 करोड़ रुपये की बड़ी ठगी को अंजाम दिया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने तीन शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान ऋषिराज, रोहन कुमार और सचिन सिंह के रूप में हुई है।
यह गिरोह टेलीग्राम पर संचालित ‘क्राउन पे’ नामक एक संदिग्ध कंपनी से जुड़ा हुआ था। जांच में सामने आया है कि ये अपराधी भोले-भाले लोगों को रुपयों का लालच देकर उनके नाम पर फर्जी बैंक खाते (म्यूल अकाउंट्स) खुलवाते थे। एक बार खाता खुल जाने के बाद, साइबर धोखाधड़ी से ठगी गई रकम इन्हीं खातों में मंगवाई जाती थी। पुलिस को आरोपियों के पास से करीब 700 ऐसे फर्जी खातों की जानकारी मिली है, जिनका उपयोग अवैध लेनदेन के लिए किया जा रहा था।
गाजीपुर के पुलिस अधीक्षक डॉ. इरज राजा ने मामले का विवरण देते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन की प्रारंभिक जांच से पता चला है कि वे देश के 25 राज्यों में दर्ज 75 से अधिक साइबर अपराध की शिकायतों में सीधे तौर पर शामिल थे। ये अपराधी ठगी गई राशि को बहुत ही शातिराना तरीके से ठिकाने लगाते थे। पकड़े जाने से बचने के लिए वे रुपयों को डॉलर या क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर अन्य खातों और विदेशों में ट्रांसफर कर दिया करते थे।
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 19 सिम कार्ड, 12 एटीएम कार्ड, 5 बैंक पासबुक और मोबाइल फोन समेत कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं। पुलिस अधीक्षक के अनुसार, यदि इन सभी खातों की गहराई से जांच की जाए, तो घोटाले का यह आंकड़ा 67 करोड़ से भी कहीं अधिक ऊपर जा सकता है। फिलहाल, साइबर क्राइम टीम साक्ष्य जुटाकर गिरोह के नेटवर्क की गहराई से पड़ताल कर रही है और इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य फरार सदस्यों की तलाश तेज कर दी गई है।











