उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को बहराइच जिले के मोतीपुर तहसील अंतर्गत सेमरहना गांव का दौरा कर विस्थापित परिवारों के जीवन में नई रोशनी भरने का कार्य किया। कतर्नियाघाट वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी के कोर एरिया में बसे भरतापुर गांव के 136 परिवारों को मुख्यमंत्री ने स्वयं जमीन के आवंटन पत्र और आवासीय पट्टे सौंपे। इस ऐतिहासिक कदम के साथ ही मुख्यमंत्री ने नई बसावट का नामकरण करते हुए इसे 'भरतपुर' नाम दिया है। यह पहल उन परिवारों के लिए एक बड़ा सहारा बनकर आई है जो दशकों से वन्यजीवों के खतरे और बुनियादी सुविधाओं के अभाव में जीवन व्यतीत कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर जनसभा को संबोधित करते हुए पूर्ववर्ती सरकारों की कार्यप्रणाली पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पहले की सरकारों में गरीबों का हक लूटकर निजी खजाने भरे जाते थे, लेकिन वर्तमान सरकार का एकमात्र लक्ष्य समावेशी विकास है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि नई कॉलोनी में रहने वाले लोगों को अब जंगली जानवरों के हमले का डर नहीं सताएगा और न ही उन्हें नदी की लहरों से सुरक्षा की चिंता करनी होगी। सरकार ने इस नई बस्ती के विकास के लिए बजट जारी कर दिया है ताकि यहां के निवासियों को शहर जैसी सुविधाएं प्राप्त हो सकें।
विस्थापन का यह निर्णय मानवीय और सुरक्षात्मक दृष्टिकोण से लिया गया है। भरतापुर गांव पहले जंगल और नदियों से घिरा हुआ था, जिसके कारण वहां तक पहुंचना और सुरक्षित रहना एक बड़ी चुनौती थी। मुख्यमंत्री के विशेष निर्देश पर इन परिवारों को नानपारा-लखीमपुर मार्ग के किनारे सेमरहना में पुनर्वासित किया जा रहा है। जिला प्रशासन ने यहां एक आधुनिक कॉलोनी विकसित करने का खाका तैयार कर लिया है, जहां बिजली, स्वच्छ पेयजल, चौड़ी सड़कें और अन्य आवश्यक बुनियादी ढांचा प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जाएगा।
पुनर्वास प्रक्रिया के तहत प्रत्येक लाभार्थी परिवार को न केवल जमीन दी जा रही है, बल्कि घर और शौचालय निर्माण के लिए आर्थिक सहायता भी सुनिश्चित की गई है। मुख्यमंत्री ने लाभार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि सरकार विस्थापित परिवारों को सम्मानजनक जीवन प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, मुख्यमंत्री के वादे के अनुरूप इस पूरी योजना को युद्ध स्तर पर पूरा किया जा रहा है, जिससे लंबे समय से विस्थापन का इंतजार कर रहे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है।











