रांची। झारखंड में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और धांधली के मुद्दों पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने राज्य की हेमंत सोरेन सरकार और उसकी सहयोगी कांग्रेस पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बीजेपी प्रदेश कार्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी के प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि झारखंड की कांग्रेस समर्थित सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर अपनी तिजोरी भरने का काम कर रही है। उन्होंने मांग की कि निष्पक्षता और नैतिकता के आधार पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए और कांग्रेस को सरकार से अपना समर्थन वापस लेना चाहिए।
संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया बयान का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार युवाओं के भविष्य को लेकर संवेदनशील है और परीक्षा लीक जैसी समस्याओं को रोकने के लिए संसद के दोनों सदनों से कड़ा कानून पास कराया गया है। इसके विपरीत, झारखंड में हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार के सत्ता में आने के बाद से नौकरियों की कथित बोली लगाई जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जूनियर इंजीनियर, जेपीएससी, उत्पाद सिपाही और जेएसएससी सीजीएल जैसी प्रमुख परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आई हैं। उत्पाद सिपाही भर्ती प्रक्रिया के दौरान 13 अभ्यर्थियों की दुखद मृत्यु का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि सरकार इसके बावजूद ऐसी प्रतिबंधित कंपनियों को परीक्षा आयोजित करने का ठेका दे रही है जिन पर पहले से सवाल उठ रहे हैं।
अमर कुमार बाउरी ने राज्य की प्रमुख चयन संस्थाओं जेपीएससी और जेएसएससी की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इन संस्थाओं में अपने चहेतों और परिजनों को जगह दे रही है, जिससे योग्य युवाओं के अधिकारों का हनन हो रहा है। उन्होंने कहा कि संस्थाओं में बैठे लोग अपने रिश्तेदारों को परीक्षा में पास कराकर नौकरियां बांट रहे हैं, जिससे तंग आकर अब राज्य के युवा सड़कों पर उतरकर निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
भाजपा नेता ने बताया कि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य प्रसाद साहू के निर्देशों के अनुसार, जब भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा ने 22 जुलाई को जेपीएससी का घेराव किया, तो सरकार ने हड़बड़ी में सीआईडी जांच के आदेश जारी किए। इसके बाद कुछ गिरफ्तारियां भी हुईं और जेपीएससी अध्यक्ष को इस्तीफा भी देना पड़ा। हालांकि, बाउरी ने आरोप लगाया कि सरकार सीआईडी के माध्यम से जांच को भटकने और मामले को दबाने का प्रयास कर रही है।
नीट (NEET) परीक्षा मामले का उल्लेख करते हुए अमर कुमार बाउरी ने कहा कि विपक्ष ने जिस तरह केंद्र सरकार पर दबाव बनाया था, ठीक उसी नैतिकता का पालन करते हुए अब झारखंड के मुख्यमंत्री को पद छोड़ना चाहिए, क्योंकि शिक्षा विभाग का प्रभार भी उन्हीं के पास है। बीजेपी ने स्पष्ट मांग रखी है कि इन सभी संदिग्ध परीक्षाओं की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराई जाए और दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि छात्रों को जल्द न्याय नहीं मिला तो युवा सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
आंदोलन की रूपरेखा की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष आदित्य प्रसाद साहू के निर्देश पर पार्टी के कार्यकर्ता सभी मंडलों में मशाल जुलूस निकालेंगे और अगले दिन भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा की ओर से सभी जिलों में धरना प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। इस संवाददाता सम्मेलन में मीडिया सह प्रभारी अजय राय, प्रवक्ता दीनदयाल बर्णवाल, रमाकांत महतो और रविनाथ किशोर मुख्य रूप से मौजूद रहे।








