खाड़ी देशों में जारी युद्ध के असर से देशभर में एलपीजी गैस की कमी देखी जा रही है। इस बीच उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से शादी वाले परिवारों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। जिला प्रशासन ने एक नई व्यवस्था लागू की है, जिसके तहत अब शादी समारोह के लिए गैस सिलेंडर आसानी से उपलब्ध कराए जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी परिवार को शादी के दौरान गैस की कमी के कारण परेशानी का सामना न करना पड़े।
नई व्यवस्था के अनुसार, जिन परिवारों में शादी है और उन्हें गैस सिलेंडर की आवश्यकता है, वे शादी का निमंत्रण कार्ड लेकर जिला प्रशासन या पूर्ति विभाग के पास आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के साथ एक प्रार्थना पत्र देना होगा, जिसमें शादी की तारीख, मेहमानों की संख्या और आवश्यक सिलेंडरों की जानकारी स्पष्ट रूप से देनी होगी। शादी का कार्ड संलग्न करना अनिवार्य रखा गया है।
आवेदन प्राप्त होने के बाद पूर्ति विभाग द्वारा इसकी जांच की जाएगी। सभी जानकारी सही पाए जाने पर विभाग जरूरत के अनुसार कॉमर्शियल गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने का निर्णय लेगा और संबंधित गैस एजेंसी के नाम से अनुमति पत्र जारी किया जाएगा। इसके आधार पर एजेंसी पेट्रोलियम कंपनी से सिलेंडर मंगाकर आयोजकों को अस्थायी कनेक्शन के माध्यम से उपलब्ध कराएगी। इसके लिए आयोजकों को सिलेंडर की कीमत के साथ 4500 रुपये सुरक्षा राशि के रूप में जमा करनी होगी, जबकि कीमत समय-समय पर बदल सकती है।
शादी समारोह समाप्त होने के बाद आयोजकों को सभी खाली सिलेंडर वापस गैस एजेंसी को सौंपने होंगे। इसके बाद जमा की गई सुरक्षा राशि में से 2400 रुपये वापस कर दिए जाएंगे और अस्थायी कनेक्शन समाप्त कर दिया जाएगा। यदि कोई सिलेंडर वापस नहीं करता है, तो उसकी सुरक्षा राशि जब्त कर ली जाएगी।
जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने बताया कि यह योजना विशेष रूप से शादी वाले परिवारों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बनाई गई है। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था के जरिए केवल जरूरतमंद लोगों को ही गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो।
इस पहल से गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी और अधिक कीमत वसूलने जैसी समस्याओं पर भी रोक लगने की उम्मीद है। साथ ही अनावश्यक मांग में कमी आएगी और जरूरतमंदों को समय पर गैस मिल सकेगी। प्रशासन का मानना है कि इससे आम उपभोक्ताओं पर भी दबाव कम होगा और गैस आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। कुल मिलाकर, यह नई व्यवस्था शादी वाले परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है।











