रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें मुख्य रूप से SIR (Social Impact Report) और जनगणना (Census) जैसे गंभीर विषयों पर विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित इस चर्चा के दौरान सीएम ने स्पष्ट किया कि झारखंड जैसे भौगोलिक और सामाजिक परिवेश वाले राज्य के लिए ये दोनों ही विषय भविष्य की नीतियों के निर्धारण में निर्णायक भूमिका निभाते हैं।

बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सोरेन ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि पार्टी के जमीनी नेताओं और पदाधिकारियों को इन तकनीकी पहलुओं की गहरी समझ होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य के विकास और हक-अधिकारों की लड़ाई को तार्किक आधार देने के लिए आंकड़ों की शुद्धता और उनके प्रभाव का ज्ञान होना अनिवार्य है। मुख्यमंत्री के अनुसार, जनगणना और एसआइआर से प्राप्त डेटा न केवल शासन प्रक्रिया को सुगम बनाते हैं, बल्कि अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाने में भी मददगार साबित होते हैं।
इस सत्र के माध्यम से पार्टी पदाधिकारियों को इन विषयों से संबंधित विभिन्न कानूनी और सामाजिक पहलुओं की जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री ने नेताओं को निर्देशित किया कि वे इन तकनीकी विषयों को जन-जन तक सरल भाषा में पहुँचाने का प्रयास करें, ताकि राज्य की जनता अपने अधिकारों और भविष्य के प्रति अधिक जागरूक हो सके। बैठक में रणनीतिक चर्चा के साथ-साथ राज्य के वर्तमान राजनीतिक और सामाजिक परिदृश्य पर भी मंथन किया गया।









