जामताड़ा - झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी के गृह जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में है। सदर अस्पताल जामताड़ा में एक गर्भवती महिला और उसके गर्भ में पल रहे शिशु की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। मृतक के परिजनों का आरोप है कि समय पर एम्बुलेंस नहीं पहुंची, अस्पताल पहुंचने के बाद घंटों तक समुचित इलाज नहीं मिला और जब महिला की हालत नाजुक हो गई, तब उसे खून की कमी बताकर दूसरे अस्पताल रेफर कर दिया गया। आरोप है कि अस्पताल से बाहर निकलते ही महिला और उसके गर्भस्थ शिशु की मौत हो गई।
अब सवाल सिर्फ एक अस्पताल का नहीं, बल्कि पूरे स्वास्थ्य तंत्र का है। जब स्वास्थ्य मंत्री के अपने गृह जिले के सदर अस्पताल में ऐसी घटना सामने आती है, तो आखिर प्रदेश के दूर-दराज़ इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति कैसी होगी ? क्या सरकारी दावों और ज़मीनी हकीकत के बीच इतना बड़ा अंतर है ? अगर परिजनों के आरोप सही हैं, तो इस कथित लापरवाही की जिम्मेदारी कौन लेगा ?
इस घटना के बाद लोगों का गुस्सा सड़क पर दिखाई दिया। परिजनों और स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए सड़क जाम कर दिया और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल, इस मामले में अस्पताल प्रशासन का पक्ष सामने आना बाकी है।








