लखनऊ: उत्तर प्रदेश में भू-माफियाओं के खिलाफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की 'जीरो टॉलरेंस' नीति का एक बड़ा उदाहरण नए साल के पहले ही दिन देखने को मिला। सीएम योगी ने न केवल एक बेसहारा पीड़िता की गुहार सुनी, बल्कि मात्र 24 घंटे के भीतर दबंगों के कब्जे से उसका करोड़ों का मकान मुक्त कराकर उसे वापस सौंप दिया।
क्या है पूरा मामला?
यह भावुक कर देने वाला मामला लखनऊ के इंदिरा नगर (A-418) इलाके का है। पीड़िता अंजना, जो भारतीय सेना के दिवंगत मेजर बिपिन चंद्र भट्ट की बेटी हैं, लंबे समय से न्याय के लिए दर-दर भटक रही थीं। अंजना के पिता का निधन 1994 में हो गया था और परिवार में अब वह अकेली बची हैं।
दबंगों ने फर्जी कागजों से किया था कब्जा
अंजना सिजोफ्रेनिया (Schizophrenia) नामक बीमारी से जूझ रही हैं और साल 2016 से एक रिहैबिलिटेशन सेंटर में रह रही थीं। उनकी बीमारी और अकेलेपन का फायदा उठाकर चंदौली के दबंग बलवंत यादव उर्फ बबलू और मनोज कुमार यादव ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे उनके पैतृक मकान पर कब्जा कर लिया था। आरोपियों ने मकान पर अपना नामपट्ट (Nameplate) भी लगा दिया था।
सीएम योगी से मुलाकात और त्वरित एक्शन
बीते बुधवार (31 दिसंबर) को अंजना अपनी पीड़ा लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास पहुँचीं। देश की सेवा करने वाले सैनिक की बेटी की व्यथा सुनकर सीएम योगी भावुक हो गए और उन्होंने तत्काल अधिकारियों को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
- 24 घंटे में समाधान: सीएम के निर्देश मिलते ही लखनऊ और चंदौली पुलिस हरकत में आई।
- आरोपियों की गिरफ्तारी: पुलिस ने मुख्य आरोपी बलवंत यादव और मनोज कुमार यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
- मकान की वापसी: नए साल की सुबह (1 जनवरी 2026) पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में अंजना को उनके घर का कब्जा वापस दिलाया गया।
"थैंक्यू योगी अंकल, गॉड ब्लेस यू"
जब अंजना अपने घर की दहलीज पर पहुँचीं, तो उनकी आंखों में खुशी के आंसू थे। घर में प्रवेश करते समय उन्होंने विधि-विधान से पूजा की और दीप जलाया। अपनी खुशी जाहिर करते हुए अंजना ने कहा:
"थैंक्यू योगी अंकल! आपने मेरे सबसे बुरे वक्त में मेरी मदद की। भगवान आपको खुश रखे (God Bless You)!"
प्रशासन का सख्त संदेश
इस कार्रवाई के जरिए योगी सरकार ने भू-माफियाओं को कड़ा संदेश दिया है कि किसी भी असहाय या सैनिक परिवार की संपत्ति पर कब्जा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध कब्जे के खिलाफ इस तरह का अभियान आगे भी जारी रहेगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की संवेदनशीलता ने न केवल एक बेटी को उसकी छत वापस दिलाई, बल्कि आम जनता का कानून व्यवस्था पर भरोसा भी मजबूत किया है। नए साल पर अंजना के चेहरे की मुस्कान आज सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है।









