नई दिल्ली: बजट 2026 आम आदमी और मध्यम वर्ग के लिए राहत की बड़ी सौगात लेकर आया है। सरकार ने टैक्स के नियमों को इतना सरल बना दिया है कि अब टैक्स भरना किसी सिरदर्द के बजाय आसान प्रक्रिया बन जाएगा। इस बार बजट का मुख्य फोकस न केवल टैक्स कम करने पर है, बल्कि टैक्स भरने की प्रक्रिया को भी सुविधाजनक और सहज बनाने पर रखा गया है।
पर्सनल इनकम टैक्स में बदलाव
सरकार ने मध्यम वर्ग परिवारों के लिए पर्सनल इनकम टैक्स स्लैब्स में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब कम कमाई वाले लोगों को कम टैक्स देना होगा, जिससे उनकी बचत बढ़ेगी और वे बच्चों की शिक्षा, घर या अन्य जरूरी खर्चों में इसका इस्तेमाल कर सकेंगे।
- कमाई ₹4 लाख तक: अब सालाना 4 लाख रुपये तक की कमाई करने वाले किसी भी व्यक्ति को टैक्स नहीं देना होगा।
- कमाई ₹4 लाख से ₹8 लाख तक: इस श्रेणी में केवल 6% टैक्स देना होगा। उदाहरण के लिए, यदि कोई व्यक्ति सालाना ₹6 लाख कमाता है, तो उसे केवल ₹12,000 टैक्स देना होगा, जो पहले के मुकाबले काफी कम है।
घर, बुजुर्ग और छात्र
- दो घरों पर टैक्स छूट: अब अगर आप दो घरों में रहते हैं, तो दोनों घरों की वैल्यू पर बिना किसी शर्त टैक्स छूट मिलेगी। पहले यह सुविधा केवल एक घर तक सीमित थी।
- सीनियर सिटिजन्स के लिए राहत: बुजुर्गों के लिए टैक्स छूट की सीमा ₹50,000 से बढ़ाकर ₹1,00,000 कर दी गई है। इससे दादा-दादी अपनी पेंशन का बड़ा हिस्सा अपनी जरूरतों पर खर्च कर सकेंगे।
- किराए पर TDS की नई सीमा: अब यदि आप सालाना 6 लाख रुपये तक किराया देते हैं, तो टीडीएस नहीं कटेगा। पहले यह सीमा केवल ₹2.4 लाख रुपये थी।
- गलती सुधारने का समय बढ़ा: अब टैक्स रिटर्न में किसी गलती को सुधारने के लिए 4 साल का समय मिलेगा। इससे लोग बिना किसी दबाव के अपनी रिटर्न अपडेट कर सकेंगे।
दवाइयों और स्वास्थ्य पर राहत
सरकार ने आम लोगों के स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए 36 जीवनरक्षक दवाओं को पूरी तरह टैक्स फ्री कर दिया है। इसके अलावा, कैंसर और दुर्लभ बीमारियों की 37 दवाओं पर भारी छूट दी गई है। इससे गंभीर बीमारियों का इलाज अब अधिक सस्ता और सुलभ होगा।
स्टार्टअप्स और छोटे व्यवसायियों के लिए सरल नियम
- स्टार्टअप्स: शुरुआती 5 साल की टैक्स छूट को आगे बढ़ा दिया गया है, जिससे नई कंपनियों को शुरुआत में वित्तीय राहत मिलेगी।
- चैरिटी ट्रस्ट: ट्रस्टों के रजिस्ट्रेशन की अवधि को 5 साल से बढ़ाकर 10 साल कर दिया गया है।
इन बदलावों से कागजी कार्यवाही का बोझ कम होगा और व्यवसायियों और समाजसेवी संस्थाओं को अपने काम पर अधिक ध्यान देने का मौका मिलेगा।
बजट 2026 आम आदमी और मध्यम वर्ग के लिए कई राहतें लेकर आया है। टैक्स नियमों को सरल बनाने, बचत बढ़ाने, स्वास्थ्य और शिक्षा पर खर्च को आसान बनाने के साथ-साथ व्यवसाय और स्टार्टअप्स के लिए भी अनुकूल वातावरण तैयार किया गया है। इन सुधारों से न केवल अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि लोगों में ईमानदारी से टैक्स भरने के प्रति उत्साह भी बढ़ेगा।








