गोरखपुर: उत्तर प्रदेश की राजनीति में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने सख्त अनुशासन के लिए जाने जाते हैं, लेकिन जब उनके साथ गोरखपुर के सांसद और सुपरस्टार रवि किशन मौजूद हों, तो माहौल का खुशनुमा होना लाजमी है। सोमवार को गोरखपुर के स्पोर्ट्स कॉलेज में आयोजित 'विधायक खेल स्पर्धा' के दौरान कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जिसने वहां मौजूद हर शख्स को ठहाके लगाने पर मजबूर कर दिया।
1. "ठंड में जल्दी नहीं निकलते दोनों..." - CM योगी की गुगली
समारोह के दौरान मंच पर सीएम योगी के साथ सांसद रवि किशन और कैबिनेट मंत्री संजय निषाद भी मौजूद थे। कड़ाके की ठंड के बीच दोनों नेताओं को साथ देख मुख्यमंत्री ने चुटकी लेते हुए कहा:
"रवि किशन और मंत्री संजय निषाद ठंड में जल्दी बाहर नहीं निकलते हैं। मुझे लगता है कि दोनों जरूर कहीं खाने पर मिले होंगे और फिर वहां से सीधे यहीं साथ चले आए। लेकिन अच्छी बात यह है कि यहां खेल और खिलाड़ियों का जोश देखकर अब इनकी ठंड गायब हो गई है।"
2. कुश्ती मैदान में, पसीना रवि किशन को!
इतना ही नहीं, मुख्यमंत्री ने रवि किशन की ओर इशारा करते हुए एक और मजाकिया टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि सामने मैदान में पहलवान कुश्ती लड़ रहे हैं और जोर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें देखकर मंच पर बैठे रवि किशन को पसीना आ रहा है। सीएम की इस बात पर रवि किशन और संजय निषाद अपनी हंसी नहीं रोक पाए। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।
3. खेलों को लेकर CM योगी का बड़ा विजन: 'संस्थाएं लेंगी खेल गोद'
हंसी-मजाक के बाद मुख्यमंत्री ने खेल और खिलाड़ियों के भविष्य को लेकर अपनी गंभीर योजनाएं भी साझा कीं। उन्होंने उत्तर प्रदेश को स्पोर्ट्स हब बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं:
- खेलों को गोद लेना: सीएम ने बताया कि वे जल्द ही गोरखपुर की सभी प्रमुख संस्थाओं के साथ बैठक करेंगे। इसमें हर संस्था को एक खेल को गोद लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इसका खर्च संस्था और सरकार मिलकर उठाएंगे।
- वार्ड स्तर पर प्रतियोगिताएं: अगली 'विधायक खेल स्पर्धा' सिर्फ छात्रों तक सीमित नहीं रहेगी। अब वार्ड स्तर पर कामकाजी लोगों और रिटायर्ड बुजुर्गों के लिए भी खेल आयोजित किए जाएंगे।
- सम्मान और प्रोत्साहन: विजेताओं के लिए भविष्य में बड़े समारोह आयोजित किए जाएंगे ताकि खेल संस्कृति को घर-घर पहुंचाया जा सके।
4. क्यों खास है यह 'मंच' की केमिस्ट्री?
अक्सर राजनेताओं को केवल भाषण देते देखा जाता है, लेकिन गोरखपुर में योगी आदित्यनाथ का यह अंदाज दिखाता है कि वे अपने क्षेत्र के प्रतिनिधियों के साथ कितना सहज रिश्ता रखते हैं। रवि किशन अपनी कॉमिक टाइमिंग के लिए जाने जाते हैं, और जब मुख्यमंत्री खुद उनके साथ मजाक करते हैं, तो यह जनता के साथ एक भावनात्मक जुड़ाव पैदा करता है।
गोरखपुर का यह कार्यक्रम न केवल खिलाड़ियों के उत्साहवर्धन के लिए याद किया जाएगा, बल्कि सीएम योगी और रवि किशन की जुगलबंदी के लिए भी चर्चा में रहेगा। खेलों को जमीनी स्तर पर ले जाने की यह पहल उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करेगी।
क्या आपको लगता है कि हर शहर में संस्थाओं को एक खेल गोद लेना चाहिए? अपनी राय हमें कमेंट में बताएं!









