लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा में राष्ट्रगीत वंदे मातरम को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव ने वंदे मातरम के उद्घोष के साथ अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए सरकार पर इसे राजनीतिक हथियार बनाने का आरोप लगाया।
शिवपाल सिंह ने कहा कि इतिहास को अधूरा दिखाना ठीक नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि जो लोग आज वंदे मातरम पर लंबा भाषण दे रहे हैं, उनके पूर्वज आज़ादी की लड़ाई के दौरान कहां थे। उन्होंने कहा कि सरकार स्कूलों में वंदे मातरम को अनिवार्य करने की बात करती है, लेकिन जब बच्चों के पेट में भोजन नहीं होगा तो वे राष्ट्रगीत कैसे गाएंगे।
उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर वंदे मातरम न बोलने पर देशद्रोही कहा जाता है, तो जो सरकार किसानों को खाद नहीं दे पाती, बेटियों को सुरक्षा नहीं दे पाती और गरीबों का नाम चुनावी फायदे के लिए काट देती है, वही लोकतंत्र की सबसे बड़ी दोषी है। शिवपाल सिंह ने कहा कि सरकार की उपलब्धि सिर्फ नाम बदलने तक सीमित रह गई है।
शिवपाल ने शायरी के माध्यम से भी सरकार पर तंज कसा और कहा कि “राष्ट्रभक्ति सिर्फ नारों में नहीं, नीयत में होती है।” उन्होंने वंदे मातरम को डर नहीं, बल्कि प्रेरणा का माध्यम बनाने की बात कही।
सीएम योगी ने दिया ऐतिहासिक और राजनीतिक जवाब
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि वंदे मातरम भारत की स्वतंत्रता का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि 1896 में कांग्रेस अधिवेशन में रवींद्रनाथ टैगोर ने इसे स्वर दिया था और यह पूरे देश की आवाज़ बन गया था।
सीएम योगी ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानी फांसी के फंदे पर चढ़ते समय भी अंतिम शब्द के रूप में वंदे मातरम का उद्घोष करते थे। महात्मा गांधी ने इसे शुद्धतम राष्ट्रगीत बताया था। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने तुष्टीकरण की राजनीति के चलते राष्ट्रगीत को सीमित कर दिया, जिससे देश विभाजन की नींव पड़ी।
सीएम ने कहा कि वंदे मातरम का विरोध करने वालों को देशवासियों से माफी मांगनी चाहिए और आनंदमठ उपन्यास को पढ़ना चाहिए, जिससे इसकी वास्तविक भावना समझी जा सके।
कफ सिरप, एनडीपीएस कार्रवाई और सपा पर गंभीर आरोप
मुख्यमंत्री योगी ने कफ सिरप से जुड़ी मौतों पर सफाई देते हुए कहा कि यूपी में कोडीनयुक्त सिरप प्रतिबंधित है और प्रदेश में ऐसी किसी मौत की पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि अब तक 136 फर्मों पर एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किए गए हैं और 77 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
सीएम योगी ने सपा नेताओं पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश के बड़े स्टॉकिस्ट शुभम जायसवाल के संबंध सपा प्रत्याशी अमित यादव से हैं। उन्होंने बैंक ट्रांजेक्शन और फोटो का हवाला देते हुए कहा कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
तंज कसते हुए सीएम ने कहा कि जब कार्रवाई होगी तो विपक्ष फातिया पढ़ने जाएगा, लेकिन सरकार अपराधियों को बचने का मौका नहीं देगी।
निष्कर्ष
वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने के मौके पर विधानसभा में यह बहस साफ तौर पर राजनीतिक टकराव में बदल गई। जहां विपक्ष इसे सवाल पूछने का अधिकार बता रहा है, वहीं सरकार इसे राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय चेतना से जोड़कर देख रही है।









