रांची:
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने रांची से ऑनलाइन बैठक के माध्यम से सभी जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारी, ईआरओ, एईआरओ और उप निर्वाचन पदाधिकारियों को मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण और मैपिंग से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश दिए। बैठक में उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एक भी योग्य मतदाता सूची से छूटना नहीं चाहिए और सभी मतदाताओं को उनके पैरेंट से ही सही ढंग से मैप करना अनिवार्य है।
मतदाता सूची गहन पुनरीक्षण में मुख्य निर्देश
- सभी कार्य भारत निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार करें।
- इन्यूम्यूरेशन फेज में कम से कम मतदाताओं को दस्तावेज देने पड़ें, इसलिए अधिकतम मतदाताओं का मैपिंग सुनिश्चित करें।
- गहन पुनरीक्षण के दौरान किए गए सभी कार्यों का डॉक्यूमेंटेशन करें।
- दस्तावेजों को परमानेंट रिकॉर्ड के रूप में संधारित करें ताकि भविष्य में उनका आधार बनाकर कार्य किया जा सके।
सामान्य गलतियों और मैपिंग की सही प्रक्रिया
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री के. रवि कुमार ने मतदाता सूची मैपिंग में आने वाली सामान्य गलतियों और उन्हें कैसे सुधारें, इस विषय पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने मतदान केंद्रों के युक्तिकरण में आने वाली समस्याओं की बिंदुवार समीक्षा की और पीपीटी के माध्यम से सभी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
विशेष रूप से उन्होंने नजरी नक्शा बनाते समय नए घरों या जिन घरों को कोई नंबर नहीं दिया गया है, उन्हें नोशनल नंबर देने की प्रक्रिया भी स्पष्ट की।
बैठक में उपस्थित वरिष्ठ अधिकारी
इस अवसर पर बैठक में उपस्थित थे:
- संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार
- नोडल पदाधिकारी देव दास दत्ता
- उप निर्वाचन पदाधिकारी धीरज कुमार ठाकुर
- अवर निर्वाचन पदाधिकारी सुनील कुमार
- सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारी, ईआरओ, एईआरओ एवं उप निर्वाचन पदाधिकारी
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी अधिकारियों को सतर्क रहने और गहन पुनरीक्षण के दौरान पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखने का निर्देश भी दिया।









