RANCHI: भाकपा (माले) राज्य कमिटी, झारखंड ने देश की तमाम ट्रेड यूनियनों द्वारा 12 फरवरी को अखिल भारतीय आम हड़ताल को पूर्ण समर्थन देते हुए राज्य की जनता, मजदूरों, किसानों, नौजवानों, छात्रों, महिलाओं और सभी जनसंगठनों से इस हड़ताल को सफल बनाने के लिए सड़कों पर उतरने का आह्वान किया है। भाकपा (माले) अन्य वामदलों और जनसंगठनों के साथ मिलकर राज्यभर में हड़ताल को व्यापक और प्रभावी बनाने के लिए अभियान चला रही है।
राज्य कमिटी ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार द्वारा जबरन थोपे जा रहे चार लेबर कोड मजदूर वर्ग के अधिकारों पर सीधा हमला हैं। ये कानून मजदूरों के संगठन बनाने, एकजुट होने और संघर्ष करने के अधिकार को कमजोर करते हैं तथा उन्हें कॉरपोरेट और पूंजी के सामने असहाय बनाने की साजिश हैं। स्थायी रोजगार को खत्म कर ठेका और असुरक्षित रोजगार को बढ़ावा देना, काम के घंटे बढ़ाना और श्रम कानूनों की सुरक्षा को खत्म करना—इन लेबर कोडों का असली उद्देश्य यही है।
भाकपा (माले) ने कहा कि मनरेगा को खत्म करना ग्रामीण गरीबों और गांवों पर एक बड़ा हमला है। मनरेगा की जगह विबीग्रामजी योजना लाने का मकसद कानूनी अधिकार छीनकर सरकारी की मर्जी पर ग्रामीण गरीबों को आश्रित बनाना है. इसमें सारे फैसले केंद्र सरकार लेगी और वित्तीय बोझ राज्य सरकार की पीठ पर होगा. विबीग्रामजी रोजगार और मजदूरी दोनों पर चोट है.
राज्य कमिटी ने कहा है कि मोदी सरकार द्वारा हाल में की गई अमेरिकी डील को भारत की आर्थिक संप्रभुता पर गंभीर हमला बताया है। ऊर्जा के क्षेत्र में यह समझौता भारत के हाथ-पांव बांधने जैसा है और इससे देश के स्वतंत्र आर्थिक निर्णय लेने की क्षमता कमजोर होगी। इसके साथ ही भारी सब्सिडी प्राप्त विदेशी कृषि उत्पादों के आयात के लिए रास्ता खोलकर भारतीय किसानों को असमान और विनाशकारी प्रतिस्पर्धा के सामने खड़ा कर दिया गया है। बिना सब्सिडी और पर्याप्त संरक्षण के भारतीय किसान इस मुकाबले में बर्बादी की ओर धकेले जाएंगे। यह डील भारतीय कृषि, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और खाद्य संप्रभुता के लिए अत्यंत खतरनाक है। मोदी सरकार के इन हमलों के खिलाफ देश की जनता 12 फरवरी के हड़ताल के जरिये करारा जवाब देगी.









