रांची: झारखंड की राजधानी रांची में मेट्रो ट्रेन चलने की उम्मीद अब और मजबूत हो गई है। राज्य सरकार की मांग पर केंद्र सरकार ने रांची मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए अपनी सहमति जता दी है। इस दिशा में अगला कदम कॉम्प्रिहेंसिव मोबिलिटी प्लान (CMP) और डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करना होगा।
डीपीआर और योजना की रूपरेखा
झारखंड सरकार अगले 50 वर्षों की अनुमानित आबादी को ध्यान में रखते हुए डीपीआर तैयार कराएगी। प्रस्तावित योजना के अनुसार रांची मेट्रो की लाइन मेन रोड, डोरंडा, हिनू, एयरपोर्ट, धुर्वा, स्मार्ट सिटी और ग्रेटर रांची होते हुए रिंग रोड तक जाएगी।
मेट्रो को शहर के औद्योगिक क्षेत्रों और व्यस्ततम व्यावसायिक इलाकों से जोड़ने की भी योजना बनाई जा रही है। इसका उद्देश्य न केवल शहर में यातायात सुविधा बढ़ाना है, बल्कि उद्योगों और व्यापारिक केंद्रों को भी मेट्रो नेटवर्क से जोड़कर रांची को स्मार्ट सिटी की दिशा में और आगे बढ़ाना है।
मेट्रो के चरण और लागत
डीपीआर तैयार होने के बाद यह तय किया जाएगा कि रांची मेट्रो कितने चरणों में बनाई जाएगी। इसके साथ ही परियोजना पर अनुमानित खर्च, वित्तीय योजना और निर्माण की समयसीमा भी निर्धारित होगी। डीपीआर में सभी तकनीकी और वित्तीय पहलुओं का विस्तृत विवरण होगा, जिसे राज्य सरकार के अनुमोदन के बाद केंद्र सरकार को अंतिम प्रस्ताव के रूप में भेजा जाएगा।
रांची की भविष्य की मोबिलिटी में बड़ा बदलाव
विशेषज्ञों के अनुसार, मेट्रो प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद रांची की यातायात समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी। यह न केवल शहरवासियों के लिए सुविधाजनक रहेगा, बल्कि रांची के औद्योगिक और वाणिज्यिक क्षेत्रों की कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी।
इसके अलावा, मेट्रो परियोजना से शहर में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और रांची को स्मार्ट सिटी का दर्जा पाने में मदद मिलेगी।
अगले कदम
झारखंड सरकार अब जल्द से जल्द CMP और DPR तैयार करने की दिशा में काम शुरू करेगी। इसके बाद ही मेट्रो के निर्माण की योजना पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
निष्कर्ष:
रांची मेट्रो प्रोजेक्ट से राजधानी का परिवहन ढांचा पूरी तरह बदलने की उम्मीद है। केंद्र सरकार की सहमति और राज्य सरकार की सक्रिय पहल के बाद अब रांची स्मार्ट सिटी और आधुनिक मेट्रो नेटवर्क की दिशा में बड़े कदम की ओर बढ़ रही है।









