रांची: झारखंड के वंचित वर्ग के बच्चों के लिए गुरुवार का दिन सुनहरे अक्षरों में लिखा गया। बिरसा मुंडा हवाई अड्डे (Ranchi Airport) पर उस वक्त खुशियों का ठिकाना नहीं रहा, जब करीब 150 बच्चों ने अपने जीवन की पहली हवाई यात्रा का अनुभव किया। टाटा स्टील फाउंडेशन (TSF) और एयर इंडिया एक्सप्रेस के साझा सहयोग से आयोजित इस पहल ने इन बच्चों के सपनों को नए पंख दिए हैं।
मुख्य आकर्षण: बादलों के पार बच्चों का रोमांच
करीब 40 मिनट की इस विशेष उड़ान के दौरान बच्चों के चेहरों पर उत्साह और कौतूहल देखते ही बन रहा था। जैसे ही विमान ने रनवे छोड़ा, बच्चों ने तालियों और मुस्कुराहट के साथ अपनी खुशी जाहिर की।
- हवाई नजारा: बच्चों ने खिड़कियों से रांची शहर की खूबसूरती और आसमान की ऊंचाइयों को निहारा।
- सीखने का अवसर: रांची एयरपोर्ट के निदेशक ने खुद बच्चों का स्वागत किया और उन्हें विमानन क्षेत्र (Aviation Sector) की बारीकियों के बारे में जानकारी दी।
- जिज्ञासा: बच्चों ने विमान के इंजन, उड़ने की तकनीक और एयरपोर्ट ऑपरेशन से जुड़े कई दिलचस्प सवाल पूछे।
आत्मविश्वास और प्रेरणा की नई 'टेक-ऑफ'
टाटा स्टील फाउंडेशन की इस पहल का मुख्य उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि इन बच्चों में आत्मविश्वास (Confidence) जगाना था। फाउंडेशन का मानना है कि इस अनुभव से बच्चों को यह प्रेरणा मिलेगी कि वे जीवन में किसी भी ऊंचाई को छू सकते हैं।
"यह सिर्फ एक उड़ान नहीं थी, बल्कि इन बच्चों को यह बताने का एक प्रयास था कि उनके सपने भी सच हो सकते हैं। मेहनत और लगन से कोई भी लक्ष्य दूर नहीं है।" — आयोजक टीम का संदेश
यादगार पल और सम्मान
कार्यक्रम के अंत में सभी नन्हे यात्रियों को प्रमाणपत्र और विशेष उपहार भेंट किए गए। बच्चों ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि वे सचमुच बादलों के बीच उड़ पाएंगे। इस आयोजन को सफल बनाने में निम्नलिखित का प्रमुख योगदान रहा:
- रांची एयरपोर्ट प्रबंधन
- एयर इंडिया एक्सप्रेस क्रू मेंबर्स
- टाटा स्टील फाउंडेशन की टीम
निष्कर्ष
झारखंड के दूर-दराज के क्षेत्रों से आए इन बच्चों के लिए यह 40 मिनट की उड़ान जीवन भर की प्रेरणा बन गई है। यह कार्यक्रम इस बात का प्रमाण है कि जब कॉर्पोरेट जगत और प्रशासन हाथ मिलाते हैं, तो समाज के अंतिम पायदान पर खड़े बच्चों के सपनों को भी नई ऊंचाई मिल सकती है।









