खूंटी: खूंटी जिले के निवासियों और इस मार्ग से गुजरने वाले यात्रियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। झारखंड सरकार के पथ निर्माण विभाग ने खूंटी-तोरपा-कोलेबिरा पथ पर बनई नदी के ऊपर एक नए उच्च स्तरीय (High-level) पुल के निर्माण के लिए प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है।
मुख्य बातें: एक नजर में
- कुल लागत: ₹7,36,03,900 (7 करोड़ 36 लाख से अधिक)
- स्थान: पेलौल गांव के समीप (खूंटी-तोरपा मार्ग का 8वां किलोमीटर)
- लाभार्थी: खूंटी, तोरपा, सिमडेगा, कोलेबिरा और राउरकेला जाने वाले यात्री।
भारी बारिश में ध्वस्त हो गया था पुराना पुल
गौरतलब है कि इसी साल 19 जून को हुई मूसलाधार बारिश के कारण बनई नदी पर बना पुराना पुल पूरी तरह टूट गया था। इस हादसे के बाद से ही इस महत्वपूर्ण रूट पर आवागमन ठप है। पुल टूटने की वजह से स्कूली बच्चों, मरीजों और दैनिक यात्रियों को काफी लंबी दूरी तय करनी पड़ रही थी।
अस्थायी राहत: ₹1.80 करोड़ की लागत से बन रहा डायवर्सन
जब तक नया पुल तैयार नहीं हो जाता, तब तक स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए प्रशासन द्वारा 1.80 करोड़ रुपये की लागत से एक डायवर्सन (Diversion) का निर्माण कराया जा रहा है।
- यह काम अब अंतिम चरण में है।
- इसके चालू होते ही दोपहिया और हल्के वाहनों का आना-जाना शुरू हो जाएगा।
नया पुल क्यों है जरूरी? (Connectivity & Impact)
पेलौल के पास बनने वाला यह नया पुल केवल खूंटी और तोरपा को ही नहीं जोड़ता, बल्कि यह रांची से राउरकेला (ओडिशा) को जोड़ने वाली एक लाइफलाइन है।
- बेहतर कनेक्टिविटी: नया पुल बनने के बाद सिमडेगा और कोलेबिरा की ओर जाने वाले भारी वाहनों को कोई समस्या नहीं होगी।
- समय की बचत: अभी लोगों को जो वैकल्पिक और लंबे रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है, उससे मुक्ति मिलेगी।
- आर्थिक विकास: यातायात सुगम होने से स्थानीय व्यापार और कृषि उत्पादों की आवाजाही तेज होगी।
स्थानीय प्रतिक्रिया: सरकार के इस फैसले का खूंटी की जनता ने स्वागत किया है। लोगों की मांग है कि टेंडर की प्रक्रिया जल्द पूरी कर निर्माण कार्य शुरू किया जाए ताकि अगली बरसात से पहले यातायात पूरी तरह बहाल हो सके।









