रिपोर्ट - प्रमोद खंडेलवाल
हजारीबाग (झारखंड): हजारीबाग के ऐतिहासिक केबी सहाय पार्क में संयुक्त बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और महान स्वतंत्रता सेनानी कृष्ण बल्लभ सहाय (K.B. Sahay) की 128वीं जयंती के अवसर पर उनकी प्रतिमा का भव्य अनावरण किया गया। इस गौरवशाली समारोह में झारखंड सरकार की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं और उन्होंने विधिवत रूप से प्रतिमा का अनावरण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
ऐतिहासिक और गरिमामय समारोह
समारोह के दौरान हजारीबाग सदर विधायक प्रदीप प्रसाद, कांग्रेस नेता मुन्ना सिंह, डॉ. आर.सी. मेहता सहित कई विशिष्ट नागरिक, जनप्रतिनिधि और शिक्षाविद उपस्थित रहे। यह आयोजन न केवल एक महान नेता को याद करने का जरिया बना, बल्कि इसने स्थानीय लोगों और युवाओं को देश के गौरवशाली इतिहास से रूबरू कराया।
"कृष्ण बल्लभ सहाय का जीवन ईमानदारी, निष्ठा और जनसेवा का उत्कृष्ट उदाहरण है। उनके द्वारा किए गए सुधार आज भी नीति-निर्माताओं के लिए मार्गदर्शक हैं।" – दीपिका पांडेय सिंह, ग्रामीण विकास मंत्री
कृष्ण बल्लभ सहाय: 'बिहार के लौह पुरुष' का योगदान
वक्ताओं ने कृष्ण बल्लभ सहाय के राष्ट्र निर्माण में योगदान को रेखांकित करते हुए उन्हें 'बिहार का लौह पुरुष' बताया। उनके कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियां इस प्रकार हैं:
- जमींदारी उन्मूलन: भारत में जमींदारी प्रथा को समाप्त करने वाले पहले राज्य बिहार के राजस्व मंत्री के रूप में उन्होंने ऐतिहासिक 'जमींदारी उन्मूलन अधिनियम' को प्रभावी ढंग से लागू किया।
- औद्योगिक क्रांति: उनके मुख्यमंत्री काल में ही बोकारो स्टील प्लांट और बरौनी रिफाइनरी जैसे बड़े उद्योगों की आधारशिला रखी गई।
- संविधान सभा के सदस्य: वे भारतीय संविधान निर्माण की प्रक्रिया में सक्रिय सदस्य रहे और सामाजिक न्याय के मूल्यों को सशक्त किया।
- शिक्षा और कृषि: उन्होंने तिलैया सैनिक स्कूल की स्थापना और राज्य में सिंचाई परियोजनाओं के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि के.बी. सहाय जी ने किसानों और वंचित वर्गों के सशक्तिकरण के लिए जो कार्य किए, वे आज भी समावेशी विकास की नींव हैं। इस प्रतिमा का अनावरण आने वाली पीढ़ियों को उनके संघर्ष और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता से जोड़ने का एक सार्थक प्रयास है।










