झारखंड सरकार ने राज्य के आदिवासी समुदायों को सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की कैबिनेट ने बहुप्रतीक्षित पेसा (पंचायत उपबंध - अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार) नियमावली को अपनी स्वीकृति दे दी है। इसके साथ ही शिक्षा, बुनियादी ढांचे और जनकल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी हरी झंडी दिखाई गई है।
1. पेसा (PESA) कानून: अब 'गांव की सरकार' होगी शक्तिशाली
पेसा कानून (1996) का मुख्य उद्देश्य पांचवीं अनुसूची के क्षेत्रों में ग्राम सभाओं को स्वशासन का अधिकार देना है। झारखंड में इसके नियम बनने से अब आदिवासियों के पारंपरिक और प्रशासनिक अधिकार मजबूत होंगे।
- ग्राम सभा की सर्वोच्चता: अब गांव की किसी भी योजना को बनाने और लागू करने में ग्राम सभा की अनुमति अनिवार्य होगी।
- परंपराओं का संरक्षण: पारंपरिक ग्राम सभाओं को कानूनी मान्यता दी गई है। वे अपनी रीति-रिवाजों और परंपराओं को नोटिफाई कर सकेंगी।
- संसाधनों पर हक: जल, जंगल और जमीन से जुड़े स्थानीय फैसलों में ग्राम सभा की भूमिका निर्णायक होगी।
- प्रशासनिक विकेंद्रीकरण: यह कानून नौकरशाही के हस्तक्षेप को कम कर सीधे जनता के हाथ में शक्ति सौंपने का काम करेगा।
2. शिक्षा क्षेत्र: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय का विस्तार
उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट ने रांची स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (DSPMU) के लिए महत्वपूर्ण पदों के सृजन को मंजूरी दी है।
- नए पदों का सृजन: कुल 38 नए शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक पद सृजित किए गए हैं।
- बजट आवंटन: पदों के पुनर्गठन और नई नियुक्तियों पर राज्य सरकार सालाना लगभग 10 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च करेगी।
- प्रभाव: इससे विश्वविद्यालय में पठन-पाठन की गुणवत्ता सुधरेगी और छात्रों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
3. इंफ्रास्ट्रक्चर: सड़कों का जाल और कनेक्टिविटी
राज्य के आर्थिक विकास को गति देने के लिए कैबिनेट ने दो बड़ी सड़क परियोजनाओं को वित्तीय स्वीकृति दी है:
परियोजना | स्थान | स्वीकृत राशि |
7 किलोमीटर सड़क निर्माण | दुमका | ₹31 करोड़ |
शहरी सड़क परियोजना | जमशेदपुर | ₹41 करोड़ |
ये परियोजनाएं न केवल आवागमन को सुगम बनाएंगी, बल्कि स्थानीय व्यापार और रोजगार को भी बढ़ावा देंगी।
4. सामाजिक सुरक्षा और जनकल्याण
कैबिनेट ने हाशिए पर खड़े समुदायों के लिए भी संवेदनशील फैसले लिए हैं:
- वात्सल्य योजना: बाल कल्याण के लिए 'वात्सल्य योजना' की नई मार्गदर्शिका को मंजूरी दी गई है, जिससे अनाथ और जरूरतमंद बच्चों के संरक्षण में मदद मिलेगी।
- पोषण पर जोर: 'टेक-होम राशन' योजना के तहत सामग्री आपूर्तिकर्ताओं का कार्यकाल बढ़ाया गया है, ताकि आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों और महिलाओं को राशन की कमी न हो।
निष्कर्ष: हेमंत सरकार का मास्टरस्ट्रोक
कैबिनेट के ये 39 फैसले, विशेषकर पेसा कानून, आगामी चुनावों और राज्य की जनसांख्यिकी को देखते हुए बेहद महत्वपूर्ण हैं। पेसा के माध्यम से सरकार ने राज्य के मूलवासियों और आदिवासियों की लंबे समय से चली आ रही स्वायत्तता की मांग को पूरा करने की कोशिश की है।
मुख्य बिंदु: अधिसूचना जारी होते ही पेसा नियमावली पूरे राज्य के अनुसूचित क्षेत्रों में प्रभावी हो जाएगी, जिससे ग्रामीण स्वशासन के एक नए युग की शुरुआत होगी।









