Delhi Atal Canteen News: दिल्ली की जनता के लिए आज का दिन ऐतिहासिक है। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती (सुशासन दिवस) के पावन अवसर पर दिल्ली सरकार ने 'अटल कैंटीन' योजना की शुरुआत कर दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आज राजधानी में प्रस्तावित 100 में से 45 कैंटीनों का लोकार्पण किया।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य शहर के दिहाड़ी मजदूरों, रिक्शा चालकों और कम आय वाले परिवारों को सम्मान के साथ बेहद कम कीमत पर पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है।
Highlights: अटल कैंटीन योजना की मुख्य बातें
विवरण | जानकारी |
भोजन की कीमत | मात्र ₹5 प्रति थाली |
कुल कैंटीन | 100 (आज 45 शुरू, 55 जल्द शुरू होंगी) |
बजट आवंटन | ₹100 करोड़ |
लक्षित वर्ग | मजदूर, बेघर, छात्र और जरूरतमंद परिवार |
निगरानी | CCTV और डिजिटल टोकन सिस्टम |
अटल कैंटीन के मेन्यू में क्या-क्या मिलेगा?
सरकार ने स्पष्ट किया है कि कम कीमत का मतलब गुणवत्ता से समझौता बिल्कुल नहीं है। प्रत्येक ₹5 वाली थाली में शामिल होगा:
- गरमा-गरम रोटियां
- दाल और चावल
- ताजी मौसमी सब्जी
- साफ पीने का पानी (RO System)
प्रत्येक कैंटीन की क्षमता प्रतिदिन 1,000 लोगों (500 दोपहर और 500 रात) को भोजन कराने की है।
कैंटीन की टाइमिंग: कब मिलेगा खाना?
श्रमिकों और कामगारों की सुविधा को देखते हुए समय तय किया गया है:
- लंच (दोपहर का भोजन): सुबह 11:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक।
- डिनर (रात का भोजन): शाम 6:30 बजे से रात 9:30 बजे तक।
किन इलाकों में खुली हैं कैंटीन? (Locations)
पहले चरण में 45 कैंटीन उन इलाकों में खोली गई हैं जहाँ मजदूरों और झुग्गी बस्तियों की संख्या अधिक है। मुख्य लोकेशंस में शामिल हैं:
- दक्षिण दिल्ली: आरके पुरम, जंगपुरा, ग्रेटर कैलाश।
- पश्चिम दिल्ली: राजौरी गार्डन, शालीमार बाग।
- बाहरी दिल्ली: नरेला, बवाना, मंगोलपुरी।
- अन्य: शाहबाद डेरी और विभिन्न इंडस्ट्रियल एरिया।
किचन में लगे हैं CCTV: हाई-टेक होगी निगरानी
पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली सरकार ने इसे पूरी तरह डिजिटल बनाया है:
- डिजिटल टोकन: अनियमितता रोकने के लिए मैन्युअल कूपन की जगह डिजिटल सिस्टम होगा।
- रियल-टाइम मॉनिटरिंग: दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (DUSIB) सीधे कंट्रोल रूम से किचन की सफाई और भोजन वितरण पर नजर रखेगा।
- आधुनिक किचन: सभी केंद्रों पर LPG स्टोव, इंडस्ट्रियल ग्रेड RO और कोल्ड स्टोरेज की व्यवस्था की गई है।
निष्कर्ष: चुनावी वादे से हकीकत तक
भाजपा ने दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान अपने 'संकल्प पत्र' में अटल कैंटीन का वादा किया था। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मार्च 2025 के बजट में इसके लिए धन का प्रावधान किया और आज इसे जमीन पर उतार दिया। यह योजना न केवल भूख मिटाएगी, बल्कि गरीब तबके की आर्थिक बचत में भी बड़ी भूमिका निभाएगी।









