गुमला (झारखंड):
झारखंड के गुमला जिले में स्थित भगवान हनुमान की प्रसिद्ध जन्मस्थली आंजन का लगातार विकास हो रहा है। इस पवित्र धार्मिक स्थल पर श्रद्धालुओं की संख्या में निरंतर वृद्धि देखी जा रही है और देश के विभिन्न हिस्सों से हनुमान भक्त दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
इसी क्रम में आंजन धाम का दौरा करने आज पहुंचे वे अधिकारी, जिन्होंने इस स्थल के विकास की नींव रखी थी। वर्तमान में रांची के डीएफओ (वन प्रमंडल पदाधिकारी) के रूप में कार्यरत श्रीकांत वर्मा, जो वर्ष 2018 में गुमला के डीएफओ थे, ने परिवार के साथ भगवान हनुमान के दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना की और गरीबों के बीच कंबलों का वितरण भी किया।
विकास कार्यों को लेकर हुआ सम्मान
आंजन आगमन के दौरान स्थानीय पुरोहितों और मंदिर समिति के सदस्यों ने श्रीकांत वर्मा द्वारा किए गए विकास कार्यों को याद करते हुए उन्हें सम्मानित किया। श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने उनके प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि आज आंजन धाम जिस स्वरूप में दिखाई दे रहा है, वह उन्हीं की पहल का परिणाम है।
कोरोना काल में शुरू हुआ विकास कार्य
इस अवसर पर श्रीकांत वर्मा ने बताया कि उन्हें सबसे पहले उनके एक संबंधी ने आंजन के धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व के बारे में जानकारी दी थी। बाद में जब उनकी पोस्टिंग गुमला जिले में हुई, तब उन्होंने स्वयं इस स्थल का भ्रमण किया और महसूस किया कि भगवान हनुमान की जन्मस्थली होने के बावजूद यह स्थान लंबे समय तक विकास से वंचित रहा है।
उन्होंने बताया कि आंजन धाम के विकास कार्यों की शुरुआत कोरोना काल के दौरान की गई थी। प्रारंभिक चरण में पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए बांस से निर्माण कार्य कराया गया, ताकि प्राकृतिक संतुलन बना रहे और श्रद्धालुओं को सुविधाएं भी मिल सकें।
श्रद्धालुओं की संख्या में हो रही बढ़ोतरी
श्रीकांत वर्मा ने कहा कि जिन्होंने पहले आंजन को देखा होगा, वे आज के स्वरूप की कल्पना भी नहीं कर सकते। अब यहां धीरे-धीरे आधारभूत सुविधाओं का विस्तार हो रहा है, जिससे श्रद्धालुओं की आवाजाही लगातार बढ़ रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में आंजन धाम झारखंड के प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थलों में शामिल होगा।









