DELHI UPSC: दिल्ली की रहने वाली सृष्टि डबास की कहानी साधारण नहीं, बल्कि संघर्ष और आत्मविश्वास से भरी हुई है. उनके जीवन में हालात आसान नहीं थे. पिता का साया पहले ही उठ चुका था और घर की सारी जिम्मेदारी उनकी मां के कंधों पर थी. मां की मेहनत और संघर्ष को करीब से देखने वाली सृष्टि के मन में कुछ बड़ा करने की चाह बहुत पहले से ही थी. वह अपनी मां को गर्व का अहसास कराना चाहती थीं और यही भावना उनकी सबसे बड़ी ताकत बन गई.
नौकरी के साथ जारी रखा यूपीएससी का सपना
सृष्टि डबास ने यूपीएससी की तैयारी ऐसे समय शुरू की, जब वह भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई में नौकरी कर रही थीं. रोजाना 8 से 9 घंटे की नौकरी के बाद पढ़ाई करना आसान नहीं होता, लेकिन सृष्टि ने हार नहीं मानी. दिन में ऑफिस की जिम्मेदारी और रात में किताबों के साथ लंबा समय बिताना उनकी दिनचर्या का हिस्सा बन गया था.
कई बार थकान हावी होती थी, लेकिन आईएएस बनने का सपना उन्हें आगे बढ़ाता रहा. वह ऑफिस में लंच ब्रेक के समय भी खाली नहीं बैठती थीं. इस छोटे से समय का इस्तेमाल वह पढ़ाई के लिए करती थीं. ऑफिस की लाइब्रेरी में जाकर किताबें पढ़ना, नोट्स बनाना और पुराने सवालों को देखना उनकी आदत बन गई थी. छुट्टी के दिन भी वह आराम करने के बजाय पढ़ाई में जुटी रहती थीं.
कैसा रहा शिक्षा का सफर
सृष्टि डबास की पढ़ाई दिल्ली से ही हुई. उन्होंने 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद इंदिरा ट्रस्ट कॉलेज, दिल्ली से पॉलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. पढ़ाई के दौरान ही उन्हें समाज, प्रशासन और नीति से जुड़े विषयों में गहरी रुचि होने लगी. आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने इग्नू से मास्टर डिग्री हासिल की.
पढ़ाई पूरी होने के बाद सृष्टि का चयन भारतीय रिजर्व बैंक में हो गया. यह अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि थी, लेकिन उनका मन यहीं नहीं रुका. उनका सपना था देश की सेवा करना और प्रशासनिक जिम्मेदारी निभाना. इसी कारण उन्होंने नौकरी के साथ-साथ यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी.
पहले ही प्रयास में बड़ी सफलता
यूपीएससी की परीक्षा को देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में गिना जाता है. ज्यादातर उम्मीदवारों को इसमें सफलता पाने के लिए कई साल और कई प्रयास करने पड़ते हैं. लेकिन सृष्टि डबास ने पहले ही प्रयास में यह परीक्षा पास कर ली. इतना ही नहीं, उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 6 हासिल कर टॉपर्स की सूची में अपना नाम दर्ज करा लिया.








