(मो० काजीरूल शेख, संवाददाता, पाकुड़)
पाकुड़ - गुरुवार को नगर परिषद कार्यालय के बाहर असामान्य हलचल थी। परिसर में समर्थकों, पार्षदों के परिचितों और आम लोगों की भीड़ जुटी हुई थी। अंदर उपाध्यक्ष पद के लिए पड़े मतों की गिनती चल रही थी। जबकि बाहर खड़े लोग सांसें थामे नतीजे का इंतजार कर रहे थे। हर किसी की नजर मतगणना कक्ष से आने वाली खबर पर टिकी थी। कुछ देर बाद अंदर से सूचना आई कि एक मत अमान्य घोषित कर दिया गया है। इसके साथ ही यह भी स्पष्ट हुआ कि दोनों प्रत्याशी राणा ओझा और रूपाली सरकार को 10-10 मत मिले हैं। यह खबर बाहर पहुंचते ही भीड़ में कुछ पल के लिए सन्नाटा छा गया।
किसी ने भी ऐसे परिणाम की उम्मीद नहीं की थी। इसी बीच प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया कि नियम के अनुसार बराबरी की स्थिति में विजेता का फैसला लॉटरी के जरिए किया जाएगा। अधिकारियों की मौजूदगी में निकाली गई लॉटरी में किस्मत ने राणा ओझा का साथ दिया और उन्हें विजेता घोषित किया गया।
इसके साथ ही राणा ओझा नगर परिषद के नए उपाध्यक्ष निर्वाचित हो गए। कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद जब राणा ओझा नगर परिषद कार्यालय से बाहर निकले तो समर्थकों ने उन्हें फूल-मालाओं से लाद दिया और जीत की बधाई दी।











