दुमका - जिले का रानीश्वर प्रखंड के रखाल पहाड़ी गांव में समाजसेवी सच्चिदानंद सोरेन और गांव के मंझी बाबा, नायकी, गुडित, जोग मांझी, प्राणिक, कुडम नायकी और ग्रामीणों के पहल पर संताल आदिवासी समुदाय ने अपने पारंपरिक पूजा स्थल मांझी थान में सप्ताहिक पूजा शुरू किया। इसके पूर्व मांझी थान की सफाई किया गया। जहां गांव के महिला, पुरुष, बुजुर्ग और बच्चे सामूहिक और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पूजा किये। ग्रामीणों का कहना है कि आगे से प्रत्येक रविवार को सामूहिक रूप से मांझी थान में पूजा की जायेगी। इसका मुख्य उद्देश्य सामुदायिक एकता, आध्यात्मिक शांति और सांस्कृतिक विरासत को संजोना है। साथ ही इसे नई पीढ़ी को हस्तांतरित करना है।









