पाकुड़ | रिपोर्ट: मो. काजीरूल शेख
पाकुड़। झारखंड विधानसभा की प्रत्यायुक्त समिति के सभापति सरयू राय ने शुक्रवार को पाकुड़ प्रखंड अंतर्गत बरमसिया एवं सोनाजोड़ी क्षेत्रों में स्थित प्राचीन जीवाश्म (फॉसिल) स्थलों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में उपलब्ध जीवाश्मों की वर्तमान स्थिति, उनके संरक्षण की आवश्यकता तथा संभावित वैज्ञानिक अनुसंधान की संभावनाओं पर विस्तार से जानकारी प्राप्त की।
निरीक्षण के दौरान सरयू राय ने कहा कि पाकुड़ के जीवाश्म स्थल भू-विरासत (जियो हेरिटेज) की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। यहां पाए जाने वाले जीवाश्म प्राचीन काल के जीव-जंतुओं और पृथ्वी के प्राकृतिक इतिहास को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि यदि इन स्थलों का वैज्ञानिक दृष्टिकोण से संरक्षण एवं व्यवस्थित अध्ययन किया जाए, तो यह झारखंड को न केवल राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिला सकते हैं।
सरयू राय ने जीवाश्म स्थलों के संरक्षण हेतु ठोस नीति एवं विधिक प्रावधान तैयार करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि जीवाश्म स्थलों को किसी भी प्रकार की क्षति से सुरक्षित रखा जाए तथा अवैध उत्खनन या छेड़छाड़ की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
निरीक्षण के अवसर पर जिला वन प्रमंडल पदाधिकारी, उप विकास आयुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी, नगर परिषद के प्रशासक सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने जीवाश्म स्थलों के संरक्षण एवं विकास के लिए आवश्यक कदम उठाने पर सहमति जताई।
कुल मिलाकर, यह निरीक्षण पाकुड़ के ऐतिहासिक एवं वैज्ञानिक महत्व वाले जीवाश्म स्थलों के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।









