गिरिडीह - तीन दशक तक झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के जंगलों में सुरक्षा बलों के लिए सबसे बड़ी चुनौती भाकपा (माओवादी) के पोलित ब्यूरो सदस्य और ₹1 करोड़ के इनामी मिसिर बेसरा उर्फ सुनीर्मल उर्फ भास्कर उर्फ सागर उर्फ प्रधान को झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। उसके साथ चार अन्य माओवादियों को भी दबोचा गया है। कार्रवाई के दौरान वाहन से तीन AK-47 राइफलें बरामद हुई हैं।
सूत्रों के अनुसार, धनबाद जिले के बरवाड़ा थाना क्षेत्र में मिसिर बेसरा अपने साथियों के साथ टाटा मैजिक से ठिकाना बदल रहा था। पहले से मिली सटीक खुफिया सूचना के आधार पर सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर वाहन को रोका और बिना किसी बड़े प्रतिरोध के सभी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार माओवादियों में मिसिर बेसरा (पोलित ब्यूरो सदस्य), तुम्बा मांझी (रीजनल कमेटी सदस्य), बिरेन हांसदा (एरिया कमेटी सदस्य), मंगल मुर्मू और दिनेश राय शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि सभी किसी नए सुरक्षित ठिकाने की ओर जा रहे थे। सुरक्षा एजेंसियां अब इनसे पूछताछ कर माओवादी नेटवर्क, हथियारों की आपूर्ति और संगठन की गतिविधियों से जुड़ी अहम जानकारियां जुटाने में लगी हैं। सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, मिसिर बेसरा लंबे समय से माओवादी संगठन का प्रमुख रणनीतिकार माना जाता रहा है। उसकी गिरफ्तारी को झारखंड में माओवादी नेटवर्क के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी सफलताओं में से एक माना जा रहा है।








